जबलपुर डॉग मैगी लापता: 'वह हमारी धड़कन थी…', 9 साल की 'लाड़ली' मैगी गायब, ढूंढने वाले को ₹10,000 का इनाम और सम्मान

Jabalpur Dog Maggie Lapata: जबलपुर में पालतू डॉग 'मैगी' (ल्हासा अप्सो नस्ल) 19 नवंबर से गायब। मालिक ने ढूंढने वाले को ₹10,000 का इनाम और सम्मान देने का ऐलान किया। मदन महल थाने में शिकायत दर्ज।

Nov 28, 2025 - 20:11
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जबलपुर डॉग मैगी लापता: 'वह हमारी धड़कन थी…', 9 साल की 'लाड़ली' मैगी गायब, ढूंढने वाले को ₹10,000 का इनाम और सम्मान

जबलपुर, मध्य प्रदेश: जबलपुर शहर इन दिनों एक पालतू डॉग 'मैगी' की तलाश में पोस्टरों से भरा हुआ है। राइट टाउन के रहने वाले डॉ. अखिलेश तिवारी और उनकी पत्नी निष्ठा की 9 साल की लाड़ली, ब्लैक फीमेल ल्हासा अप्सो नस्ल की 'मैगी', 19 नवंबर को अचानक घर से बाहर निकल गई और अब तक लौटकर नहीं आई है।

जबलपुर डॉग मैगी लापता होने के बाद पूरा परिवार गहरे सदमे में है, क्योंकि वे मैगी को अपनी बेटी की तरह मानते हैं। परिवार ने मदन महल थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई है, और मैगी का पता बताने वाले को ₹10,000 रुपये का नकद इनाम और सम्मान देने का ऐलान किया है।


जन्मदिन से एक महीने पहले हुई गायब

निष्ठा तिवारी ने बताया कि वे 'मैगी' को करीब नौ साल पहले घर लेकर आए थे, जब वह सिर्फ डेढ़ महीने की थी।

  • पारिवारिक सदस्य: निष्ठा तिवारी कहती हैं कि "वह सिर्फ डॉग नहीं, हमारी धड़कन जैसी थी। उसके बिना घर में अजीब-सी खामोशी छाई हुई है।"

  • भावनात्मक जुड़ाव: डॉ. अखिलेश तिवारी भी 'मैगी' से बेहद जुड़े हुए थे और हर सप्ताह उसके साथ समय बिताते थे। इसी महीने 'मैगी' का नौवां जन्मदिन था, जिसकी तैयारी पूरा परिवार कर रहा था।

  • लापता: 19 नवंबर को न जाने कैसे घर का गेट खुला और 'मैगी' बाहर निकल गई। सीसीटीवी फुटेज और पड़ोसियों से पूछताछ के बावजूद उसका कुछ पता नहीं चला।


लाखों की नस्ल, अब तलाश में पूरा शहर

'मैगी' ल्हासा अप्सो नस्ल की है, जो तिब्बत में पाई जाने वाली एक बहुमूल्य नस्ल है। बुद्धिमत्ता, सतर्कता और परिवार के प्रति वफादारी के कारण इन्हें खास माना जाता है और इनकी कीमत ₹35 हजार से ₹50 हजार रुपए तक होती है।

  • अपील: परिवार ने शहर के कई इलाकों में पोस्टर लगाकर अपील की है।

  • इनाम और भरोसा: निष्ठा तिवारी ने अपील की है कि यदि किसी के पास 'मैगी' पहुँच गई है, तो वे घबराएँ नहीं। परिवार उनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं करेगा। जो भी उसे लेकर आएगा, उसे न केवल ₹10,000 रुपये का इनाम मिलेगा, बल्कि परिवार जीवन भर उनका आभारी रहेगा।