कश्मीर सेना में युवाओं की भर्ती: 'यह है नया कश्मीर!' बारामूला-बांदीपोरा से 262 युवा हुए भारतीय सेना में भर्ती, बोले- पहला मिशन आतंकियों का सफाया

Kashmir Sena Mein Yuvaon Ki Bharti: बारामूला और बांदीपोरा से 262 युवाओं का भारतीय सेना में शामिल होना। अनुच्छेद 370 हटने के बाद सबसे बड़ा समूह। जवानों ने कहा- पहला मिशन आतंकियों का सफाया।

Dec 1, 2025 - 17:55
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कश्मीर सेना में युवाओं की भर्ती: 'यह है नया कश्मीर!' बारामूला-बांदीपोरा से 262 युवा हुए भारतीय सेना में भर्ती, बोले- पहला मिशन आतंकियों का सफाया

श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा, जब उत्तरी कश्मीर के बारामूला और बांदीपोरा जिलों से 262 युवाओं ने भारतीय सेना में शामिल होकर एक नया इतिहास रच दिया। यह समूह अनुच्छेद 370 हटने और विशेष राज्य का दर्जा खत्म होने के बाद सेना में भर्ती होने वाला सबसे बड़ा समूह है, जो घाटी की नई तस्वीर को बयां करता है।

सोमवार को हुई पासिंग-आउट परेड में इन जवानों ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उनका पहला मिशन आतंकियों का सफाया करना है।


पहला मिशन: आतंकियों का खात्मा

31 हफ्तों की कड़ी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद, ये जवान अब देश की सेवा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

  • जवानों का जज्बा: TV9 भारतवर्ष से बात करते हुए जवानों ने कहा कि उन्होंने दिन-रात कड़ी मेहनत की है और अब आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि घाटी में शांति स्थापित करने के लिए आतंकियों का खात्मा करना उनका पहला मिशन है।

  • बदलता माहौल: सेना के अधिकारियों ने बताया कि पिछले पांच सालों में कश्मीर घाटी से सेना में भर्ती होने वाले युवाओं की संख्या में 400 प्रतिशत से ज्यादा का इजाफा हुआ है। सीमावर्ती इलाकों खासकर कुपवाड़ा और तंगधार से सबसे ज्यादा युवा आगे आ रहे हैं।


परिजनों ने कहा- 'पत्थरबाज नहीं, राइफल थाम रहे हैं'

पासिंग-आउट परेड में मौजूद जवानों के परिवारों और गांवों में खुशी का माहौल है।

  • पिता का गर्व: कुपवाड़ा के एक जवान के पिता (जो खुद सेना से रिटायर हुए हैं) ने गर्व से कहा कि "हमारे इलाके के बच्चे पहले गुमराह होकर पत्थर उठाते थे, लेकिन आज वो राइफल थाम रहे हैं।"

  • स्थानीय लोगों का मत: स्थानीय लोग इसे घाटी में बदलते माहौल का सबूत बता रहे हैं। एक बुजुर्ग शख्स ने कहा कि "यह नई कश्मीर की नई सुबह है।"

अधिकारियों का कहना है कि यह तस्वीर जम्मू-कश्मीर में शांति, विकास और मुख्यधारा में शामिल होने की नई कहानी लिख रही है।