मेरठ इंटरफेथ लव स्टोरी: 'दीपांशु ने फंदा लगा लिया है', सुनते ही किशोरी ने भी कर लिया सुसाइड; परिवार ने लगाया हत्या का आरोप, पुलिस जांच में जुटी
मेरठ, उत्तर प्रदेश: यूपी के मेरठ में प्रेम प्रसंग का एक दर्दनाक अंत सामने आया है। खरखौदा थाना क्षेत्र के उलधन गांव में एक नाबालिग किशोरी ने अपने प्रेमी दीपांशु (अलग समुदाय) की आत्महत्या की अफवाह सुनकर खुद भी फांसी लगाकर जान दे दी।
यह घटना तब हुई जब किशोरी गांव की महिला ग्राम प्रधान के ऑफिस में थी, जहां उसकी काउंसलिंग चल रही थी। प्रेमी दीपांशु ने भी फंदा लगाया था, लेकिन उसे बचा लिया गया और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। इस बीच, किशोरी के परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या का आरोप लगाकर हंगामा किया है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
2 साल से चल रहा था प्रेम प्रसंग
गांव के ही रहने वाले दीपांशु और किशोरी (15 वर्ष) के बीच पिछले दो सालों से प्रेम प्रसंग चल रहा था।
-
विवाद का कारण: दोनों अलग-अलग समुदाय से थे, जिसके चलते कुछ दिन पहले जब लड़की के परिवार को इस रिश्ते का पता चला, तो उन्होंने शादी से इनकार कर दिया और दोनों के मिलने पर पाबंदी लगा दी।
-
काउंसलिंग: शुक्रवार को किशोरी की बुआ एक समाज सेवी के साथ उसे महिला ग्राम प्रधान संयोगिता के घर लेकर गई थीं, जहां किशोरी की काउंसलिंग की जा रही थी। ग्राम प्रधान ने उसे बालिग होने के बाद शादी के बारे में सोचने की सलाह दी थी।
एक घंटे के अंदर दोनों ने लगाया फंदा
शाम के वक्त काउंसलिंग चल ही रही थी कि दीपांशु की बहन वहां खबर लेकर आई कि दीपांशु ने जंगल में शीशम के पेड़ पर फांसी लगा ली है।
-
किशोरी का कदम: प्रेमी के आत्महत्या की खबर सुनते ही किशोरी बहुत परेशान हो गई। दीपांशु को देखने जाने की जिद करने के बाद, किशोरी चुपके से प्रधान के ऑफिस में पहुंची और फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी।
-
समय: प्रधान संयोगिता के अनुसार, लड़के ने करीब $4:30 \text{ बजे}$ फंदा लगाया था, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, लड़की ने करीब $5:30 \text{ बजे}$ के आसपास फांसी लगाई।
परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप
किशोरी को फंदे पर लटका देखकर ग्राम प्रधान के पति ने पुलिस को सूचना दी। हालांकि, किशोरी के परिजनों ने मौके पर हंगामा करते हुए दावा किया कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है।
-
परिजनों का पक्ष: किशोरी के परिजन गुलजार ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को दीपांशु की बहन बुलाकर ले गई थी, और जब वे मौके पर पहुंचे तो लड़की सोफे के पास पड़ी थी, उसने सुसाइड नहीं किया।
-
दीपांशु पक्ष का पक्ष: वहीं, दीपांशु के परिजनों का कहना है कि लड़की के परिजन उन्हें झूठे मामले में फंसाना चाहते हैं।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और इस अंतर-सामुदायिक प्रेम कहानी से जुड़े सभी पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।