नोएडा फॉरेक्स ट्रेडिंग फ्रॉड: फेसबुक पर दोस्ती कर महिला ने फँसाया, नकली ऐप पर ₹2.90 करोड़ का निवेश कराया; व्यापारी कैसे गंवा बैठा करोड़ों की पूंजी?

Noida Forex Trading Fraud: नोएडा के व्यापारी से फेसबुक पर दोस्ती कर महिला साइबर ठग ने नकली ट्रेडिंग ऐप पर ₹2.90 करोड़ का निवेश कराया। साइबर क्राइम पुलिस जांच में जुटी।

Nov 22, 2025 - 13:16
Nov 22, 2025 - 13:17
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नोएडा फॉरेक्स ट्रेडिंग फ्रॉड: फेसबुक पर दोस्ती कर महिला ने फँसाया, नकली ऐप पर ₹2.90 करोड़ का निवेश कराया; व्यापारी कैसे गंवा बैठा करोड़ों की पूंजी?

नोएडा, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के नोएडा में साइबर ठगी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सेक्टर-11 में गत्ता उत्पादन की फैक्ट्री चलाने वाले एक व्यापारी नितिन पांडे को एक साइबर ठग महिला ने फेसबुक पर दोस्ती करके झांसे में लिया और नकली फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर उनसे ₹2.90 करोड़ रुपये की मोटी रकम निवेश करा ली। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि ऑनलाइन मित्रता और आकर्षक निवेश योजनाओं के नाम पर साइबर अपराधी किस तरह बड़े फ्रॉड को अंजाम दे रहे हैं।


फेसबुक से शुरू हुई ठगी की कहानी

अपर पुलिस आयुक्त साइबर क्राइम शैव्या गोयल के अनुसार, ठगी की पूरी कहानी जून माह में शुरू हुई थी।

  • दोस्ती का जाल: 25 जून को नितिन पांडे को फेसबुक पर 'सुनेहा शर्मा' नाम की एक महिला की फ्रेंड रिक्वेस्ट मिली, जिसने खुद को जबलपुर निवासी बताया। सामान्य बातचीत के बाद महिला ने नितिन का विश्वास जीता और जल्द ही उनसे व्हाट्सऐप पर चैटिंग शुरू कर दी।

  • निवेश की सलाह: लगभग 10 दिनों की बातचीत के बाद महिला ने नितिन को FINALTO नामक कथित फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश करने की सलाह दी।

  • झांसा: महिला ने पीड़ित को 1520% तक मुनाफे के झूठे स्क्रीनशॉट और फर्जी ट्रेडिंग रिपोर्ट्स भेजीं, जिससे नितिन को लगा कि यह तेज़ी से कमाई करने का सुनहरा मौका है।


₹2.90 करोड़ का निवेश और 7.90 करोड़ का फर्जी मुनाफा

महिला के झांसे में आकर नितिन पांडे ने 4 जुलाई को ₹50 हजार का शुरुआती निवेश किया। जैसे ही पैसा लगा, महिला ने फर्जी मुनाफे के आंकड़े भेजने शुरू कर दिए।

  • बढ़ता निवेश: भरोसा मजबूत होने पर नितिन धीरे-धीरे बड़ी रकम निवेश करने लगे। उन्होंने रिश्तेदारों से उधार लिया, बैंक लोन लिया और कुल मिलाकर ₹2.90 करोड़ रुपये उस फर्जी प्लेटफॉर्म पर जमा कर दिए।

  • करोड़ों का छलावा: शुरुआत में प्लेटफॉर्म पर दिखने वाली ट्रेडिंग की राशि लगातार बढ़ती रही और कुछ ही समय में वह ₹7.90 करोड़ रुपये तक दिखने लगी, जिससे नितिन को यकीन हो गया कि उन्होंने करोड़ों कमा लिए हैं।


विड्रॉल फेल और ब्लॉक

जब नितिन पांडे ने इस बढ़ी हुई राशि को विड्रॉ (निकालने) करने का प्रयास किया, तो प्रक्रिया बार-बार फेल हो गई।

  • ब्लॉक: परेशान होकर नितिन ने महिला से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसने फोन उठाना बंद कर दिया और जल्द ही फेसबुक और व्हाट्सऐप दोनों पर नितिन को ब्लॉक कर दिया।

  • ठगी का एहसास: इसके बाद व्यापारी को एहसास हुआ कि उनकी मेहनत की पूरी पूंजी एक बड़े साइबर गिरोह के चंगुल में फंस गई है।

पीड़ित ने तुरंत साइबर क्राइम थाना सेक्टर-36 में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और आरोपी साइबर गैंग के डिजिटल ट्रेल की जांच की जा रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी ऑनलाइन स्कीम में निवेश करने से पहले पूरी जांच पड़ताल अवश्य करें।