पृथ्वी दिवस पर “धरती बचाओ” अभियान – काशी विकास चैरिटेबल ट्रस्ट की सराहनीय पहल

वाराणसी में पृथ्वी दिवस के अवसर पर काशी विकास चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा “धरती बचाओ” अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम, स्वच्छता अभियान और वृक्षारोपण का आयोजन किया गया, जिसमें जनभागीदारी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया।

Apr 23, 2026 - 22:29
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पृथ्वी दिवस पर “धरती बचाओ” अभियान – काशी विकास चैरिटेबल ट्रस्ट की सराहनीय पहल

वाराणसी, 22 अप्रैल:

पृथ्वी दिवस के अवसर पर काशी विकास चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा बड़ी गबी अखाड़ा में एक भव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आमजन को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना तथा स्वच्छता और वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में स्थानीय नागरिकों, समाजसेवियों और बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में विश्व हिन्दू महासंघ के जिला अध्यक्ष श्अभिषेक केसरी (लक्की) तथा वार्ड बजरडीहा के पार्षद श्री श्याम असरे मौर्य उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने अपने संबोधन में पर्यावरण संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए लोगों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और स्वच्छता बनाए रखने का आह्वान किया।

इस कार्यक्रम का सफल आयोजन काशी विकास चैरिटेबल ट्रस्ट की अध्यक्ष अंजलि जायसवाल के नेतृत्व में किया गया। आयोजन में श्री कौशल जायसवाल, अभिषेक जायसवाल, इमराम मालिक और समाजसेवी श्रुति पटेल का विशेष योगदान रहा। साथ ही, विश्व हिन्दू महासंघ की टीम ने अभिषेक केसरी के नेतृत्व में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में बेसिक्स म्युनिसिपल वेस्ट वेंचर्स लिमिटेड, राजेश कुमार सरोज, विवेक पांडे, राज बहादुर और तृप्ति गोंड का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। खास बात यह रही कि नन्हे-मुन्ने बच्चों—ओम जायसवाल, अमित, आराधना, सुंदरी, विंध्याचल और जया गुप्ता—ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण जागरूकता पर भाषण, स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण और जनसंदेश के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने मिलकर पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली और “धरती बचाओ” का संकल्प दोहराया।

संपर्क:

???? kashivikastrust@gmail.com

???? B-37/160, फ्लैट नं. 402, महादेव अपार्टमेंट, महमूरगंज, वाराणसी

यह आयोजन न केवल जागरूकता फैलाने का माध्यम बना, बल्कि समाज को एकजुट कर प्रकृति की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की प्रेरणा भी दे गया।