टीबी मुक्त भारत अभियान को मिली नई गति, गड़खरा में 100 दिवसीय विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत गड़खरा में आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविर में 106 लोगों की जांच की गई। 9 संदिग्ध मरीजों को आगे की जांच के लिए पीएचसी पिंडरा भेजा गया।

Jun 11, 2026 - 11:09
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टीबी मुक्त भारत अभियान को मिली नई गति, गड़खरा में 100 दिवसीय विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

पिंडरा, 10 जून। प्रधानमंत्री के महत्वाकांक्षी टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत संचालित 100 दिवसीय विशेष अभियान के अंतर्गत बुधवार को आरोग्य आयुष्मान मंदिर, गड़खरा में व्यापक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संभावित मरीजों की समय रहते पहचान करना तथा उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना रहा है!

कार्यक्रम का शुभारंभ समाजसेवी एवं निश्चय मित्र श्रीकांत जायसवाल ने किया। इस अवसर पर उन्होंने टीबी से उपचाररत दो मरीजों को गोद लेकर उनके बेहतर इलाज और देखभाल में सहयोग का संकल्प लिया। उन्होंने ग्रामीणों से स्वच्छता अपनाने और टीबी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र को सूचना देने की अपील की, ताकि मरीजों की शीघ्र पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जा सके।

ग्राम प्रधान राधा देवी ने भी ग्रामीणों को ऐसे जनहितकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सामुदायिक सहयोग से ही टीबी जैसी गंभीर बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

शिविर के दौरान वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक जगदीश नारायण सिंह ने टीबी मरीजों के नियमित फॉलो-अप और डिफरेंशियल केयर के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को मरीजों की निरंतर निगरानी और देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि समय पर निगरानी से रोग की गंभीरता का पता चल जाता है और आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर किया जा सकता है, जिससे उपचार बीच में छोड़ने की संभावना कम हो जाती है।

विशेष स्वास्थ्य शिविर में कुल 106 लोगों का एक्स-रे परीक्षण किया गया, जिनमें से 9 व्यक्तियों में टीबी के संदिग्ध लक्षण पाए गए। इन सभी को आगे की जांच और उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिंडरा भेजा गया। शिविर में टीबी जांच के साथ-साथ मधुमेह (डायबिटीज) और उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) की भी निःशुल्क जांच की गई।

कार्यक्रम के सफल संचालन में एसटीएलएस सुजीत वर्मा, सीएचओ निशा धानुक, पीरामल फाउंडेशन की सोनाली मौर्य एवं संगीता, टीबी चैंपियन करामत अली, श्री लक्ष्मीकुंड फाउंडेशन के परियोजना समन्वयक गौतम, मनोज कुमार, पूजा शर्मा, सैंपल ट्रांसपोर्टर जितेंद्र कुमार तथा क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी के साथ संपन्न यह शिविर स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और टीबी उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।