Sonbhadra Mining Collapse: सोनभद्र की कृष्णा माइनिंग खदान में भीषण हादसा, 300 फीट गहराई में चट्टान धंसी
Sonbhadra Mining Collapse: सोनभद्र की कृष्णा माइनिंग खदान में 300 फीट गहराई में चट्टान धंसने से हादसा। अब तक 5 शव बरामद, NDRF-SDRF का खतरनाक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी।
सोनभद्र: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में एक भीषण हादसा सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है। ओबरा थाना क्षेत्र के बिल्ली स्थित कृष्णा माइनिंग खदान में रविवार देर शाम हुए हादसे में, लगभग 300 फीट की गहराई में बड़ी चट्टान अचानक धंसकर गिर पड़ी, जिसके नीचे कई मजदूर दब गए। यह हादसा Sonbhadra Mining Collapse के नाम से जाना जा रहा है, और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
tragically अब तक 5 शव बरामद, कई और दबे होने की आशंका
घटना के तुरंत बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया था। रातभर चले ऑपरेशन के बाद, सोमवार सुबह तीन शव और बरामद किए गए। इस हादसे में अब तक कुल पांच मजदूरों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि अभी भी कई अन्य मजदूरों के दबे होने की आशंका बनी हुई है।
हादसे को लगभग 45 घंटे बीत चुके हैं और रेस्क्यू टीमें लगातार काम में जुटी हुई हैं।
चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू ऑपरेशन: चट्टान खिसकने का खतरा
हादसे की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और तब से ही लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं।
बचाव कार्य बेहद खतरनाक और चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। 300 फीट की गहराई, अंधेरे, संकरे रास्ते और मलबा हटाते समय चट्टानों के खिसकने का खतरा लगातार बना हुआ है, जिसके कारण बचाव दलों को बेहद सावधानी से काम करना पड़ रहा है।
रेस्क्यू में जुटी टीमें:
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NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल)
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SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल)
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स्थानीय पुलिस और अग्निशमन टीम
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खनन तकनीकी विशेषज्ञ
प्रशासन ने रेस्क्यू को गति देने के लिए अतिरिक्त उपकरण, जनरेटर और मशीनरी तुरंत उपलब्ध कराई है। जिलाधिकारी ने दबे मजदूरों तक जल्द पहुंचने के लिए पूरी क्षमता के साथ ऑपरेशन जारी रखने का दावा किया है।
तनाव का माहौल, जांच के संकेत
Sonbhadra Mining Collapse के बाद पूरे इलाके में तनाव और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल के आसपास जमा हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन पर निगाह रखे हुए हैं।
जिला प्रशासन ने मौके पर मौजूद परिवारों को समय-समय पर जानकारी देने और हर तरह की मदद सुनिश्चित करने का प्रयास किया है। अधिकारियों ने इस पूरे मामले की जांच कराने के संकेत दिए हैं। फिलहाल, सभी की निगाहें दबे मजदूरों के सुरक्षित बाहर आने पर टिकी हैं।