उज्जैन घोड़ी पर दुल्हन: आंखों पर काला चश्मा, घोड़ी की सवारी और DJ पर डांस… उज्जैन में दूल्हे के घर इस शाही अंदाज़ में पहुंची दुल्हन अपूर्वा

Ujjain Ghodi Par Dulhan: उज्जैन में दूल्हे को लेने घोड़ी पर सवार होकर निकली दुल्हन अपूर्वा ओझा। राजस्थानी श्रीमाली ब्राह्मण समाज की बंदोली परंपरा। बेटा-बेटी में भेद मिटाने का दिया संदेश।

Nov 25, 2025 - 22:49
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उज्जैन घोड़ी पर दुल्हन: आंखों पर काला चश्मा, घोड़ी की सवारी और DJ पर डांस… उज्जैन में दूल्हे के घर इस शाही अंदाज़ में पहुंची दुल्हन अपूर्वा

उज्जैन, मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में नानाखेड़ा थाना क्षेत्र की एक शादी इस समय देशभर में सुर्खियों बटोर रही है, जिसने सदियों पुरानी परंपरा को एक आधुनिक और सशक्त अंदाज दिया है। इस अनोखी बारात में घोड़ी पर दूल्हा नहीं, बल्कि दूल्हे को लेने दुल्हन जा रही थी। उज्जैन घोड़ी पर दुल्हन का यह शाही अंदाज़ देखकर शहरवासी दंग रह गए।

इंदौर निवासी अपूर्वा ओझा का विवाह अहमदाबाद के साउथ इंडियन बैंक अधिकारी हर्ष दवे के साथ तय हुआ है। विवाह समारोह से पहले अपूर्वा ने घोड़ी पर सवार होकर बारात के साथ हर्ष से मिलने पहुंची।


राजस्थानी श्रीमाली ब्राह्मण समाज की परंपरा

यह अनूठी बारात परंपरा का निर्वहन थी। दुल्हन के पिता विष्णुकांत ओझा ने बताया कि यह राजस्थानी श्रीमाली ब्राह्मण समाज की वर्षों पुरानी 'बंदोली' परंपरा है।

  • शाही अंदाज़: इस परंपरा में दुल्हन दूल्हे की तरह ही शाही अंदाज में घोड़ी पर सवार होकर दूल्हे के द्वार तक पहुंचती है।

  • अनोखा स्वागत: दूल्हे की मां और अन्य महिलाएं बारात का स्वागत करती हैं, दुल्हन की आरती उतारकर उसे शादी का जोड़ा भेंट करती हैं। इसके बाद दूल्हा इसी घोड़ी पर सवार होकर बूदलन को लेने बारात लेकर आता है।


भेदभाव मिटाने के लिए परंपरा

जब अपूर्वा घोड़ी पर सवार होकर बैंड-बाजे के साथ निकली, तो उसका अंदाज कुछ निराला था। उसने आंखों पर काला चश्मा लगा रखा था, और बारातियों के साथ वह भी खुशी से नाचती-गाती दिखाई दे रही थी।

  • संदेश: दुल्हन अपूर्वा ने बताया कि इस परंपरा को निभाने का मुख्य उद्देश्य बेटा-बेटी के बीच का भेद समाप्त करना है।

  • दर्शकों का उत्साह: इस शादी की परंपरा को देखने के लिए इंदौर, गुजरात, राजस्थान और अन्य प्रदेशों से कई लोग शामिल हुए थे।