ACT Global Summit 2025: DPS वाराणसी में पर्यावरण चेतना, फ़ैसल मलिक और नीलोत्पल मृणाल का संगम (ACT Global Summit 2025)
ACT Global Summit 2025: DPS वाराणसी में पर्यावरण चेतना, SDG और सांस्कृतिक संगम। फ़ैसल मलिक, वैभव विशाल और नीलोत्पल मृणाल ने छात्रों का मार्गदर्शन किया।
वाराणसी: दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS), वाराणसी के प्रांगण में आज (15 नवंबर) दो दिवसीय ‘ACT Global Summit 2025’ का भव्य और सार्थक आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह शिखर सम्मेलन न केवल शिक्षा का केंद्र बना, बल्कि पर्यावरण चेतना, सृजनशीलता एवं सहयोग का एक जीवंत प्रतीक भी साबित हुआ। यह आयोजन विद्यालय के मूल उद्देश्य — “सार्थक परिवर्तन के माध्यम से नई ऊँचाइयों तक पहुँचना” — को रेखांकित करता है।
वैश्विक मंच और लर्निंग एक्सपीडिशन
इस शिखर सम्मेलन में DPS वाराणसी के साथ ही DPS नासिक और DPS लावा नागपुर के शिक्षकों और छात्रों ने सक्रिय सहभागिता की। दूसरे दिन की शुरुआत समूहगान "Together We Can Change the World" से हुई, जिसने परिसर में एकता का संदेश गूंजा दिया।
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अंतरराष्ट्रीय संवाद: छात्रों को श्री एथन के साथ ऑनलाइन ज़ूम सत्र के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय मंच से जुड़ने का मौका मिला। इस सत्र में उन्होंने वैश्विक पर्यावरणीय चुनौतियों और समाधानों पर प्रश्नोत्तर किए, जिससे उनके वैश्विक दृष्टिकोण का विस्तार हुआ।
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अनुभवात्मक शिक्षा: छात्रों ने अपनी लर्निंग एक्सपीडिशन (Learning Expedition) की झलकियाँ साझा कीं— कक्षा 7 के विद्यार्थियों ने अपशिष्ट प्रबंधन पर अध्ययन प्रस्तुत किया, जबकि कक्षा 2 के नन्हे बच्चों ने जल संरक्षण के महत्व को रचनात्मक रूप में साझा किया। कक्षा 2 के बच्चों द्वारा प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक 'पानी गुम है: जल है तो कल है' ने जल संरक्षण का सशक्त संदेश दिया।
कला, संस्कृति और प्रकृति का अटूट बंधन
कार्यक्रम के समापन सत्र में प्रस्तुत भारतीय लोकनृत्य ‘धरती की धुन’ ने एक गहरा सांस्कृतिक संदेश दिया। इस प्रस्तुति ने बताया कि विश्व आज जिस 'सतत विकास लक्ष्य' (SDGs) की राह पर चल रहा है, वह तो सदियों से भारत के लोकगीतों और परंपराओं में रचा-बसा है।
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ईको-फ्रेंडली जीवनशैली: श्री राकेश खत्री ने ‘ईको-फ्रेंडली जीवनशैली’ पर व्यावहारिक सुझाव दिए, जबकि डॉ. संजीवनी शर्मा ने 'स्वच्छता ही सेवा' के भाव को नया आयाम दिया।
सिनेमा, साहित्य और प्रेरणा के सितारे
ACT Global Summit में इस वर्ष कला और रचनात्मक जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति ने छात्रों का उत्साहवर्धन किया।
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अभिनेता फ़ैसल मलिक: 'गैंग्स ऑफ वासेपुर', 'थम्मा' और 'पंचायत' के लोकप्रिय प्रह्लाद पांडेय की भूमिका निभाने वाले फ़ैसल मलिक ने अपने अनुभवों से बच्चों को प्रेरित किया।
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पटकथा लेखक वैभव विशाल जी: पुरस्कृत पटकथा लेखक (Scam 1992, Rana Naidu, और Inside Edge श्रृंखलाओं के सृजनकर्ता) ने छात्रों को रचनात्मक लेखन की बारीकियों से अवगत कराया।
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लेखक नीलोत्पल मृणाल जी: साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात लेखक, कवि नीलोत्पल मृणाल जी ने अपने आशीर्वचन से बच्चों को अभिसिंचित किया।
अहिल्याबाई घाट पर 'कल, आज और कल' का आयोजन
इसी कड़ी में, DPS वाराणसी ने आज प्रातः काल पवित्र गंगा तट पर स्थित अहिल्याबाई घाट पर एक जीवंत सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘कल, आज और कल’ का भी भव्य आयोजन किया। इस शांत और ऐतिहासिक स्थल पर कला, शिक्षा और सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम देखने को मिला।
इस कार्यक्रम में विद्यालय की उल्लेखनीय उपलब्धियों—जैसे T4 Education द्वारा वैश्विक सम्मान—को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। प्रसिद्ध कलाकार एवं शिक्षाविद् डॉ. अनुनय चौबे की प्रेरणादायक चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन भी हुआ।
इस विशिष्ट आयोजन ने सिद्ध किया कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर आत्म-विश्वास, जिम्मेदारी और विश्व चेतना का समावेश करना है।