गोरखपुर अस्पताल पार्किंग हादसा: खून देकर आया था ड्राइवर और हाथ पड़ गया सुन्न, बेकाबू बोलेरो ने पार्किंग में खड़ी 16 गाड़ियों को रौंदा; वीडियो वायरल

Gorakhpur Hospital Parking Hadsa: गोरखपुर कैंसर अस्पताल में बेकाबू बोलेरो ने पार्किंग में खड़ी 16 गाड़ियों को रौंदा। ड्राइवर यशवंत यादव हिरासत में, बोला- खून देने के बाद हाथ सुन पड़ गया था।

Nov 30, 2025 - 17:28
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गोरखपुर अस्पताल पार्किंग हादसा: खून देकर आया था ड्राइवर और हाथ पड़ गया सुन्न, बेकाबू बोलेरो ने पार्किंग में खड़ी 16 गाड़ियों को रौंदा; वीडियो वायरल

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में हनुमान प्रसाद पोद्दार कैंसर हॉस्पिटल में शनिवार दोपहर एक भयानक और खौफनाक हादसा हो गया। एक बेकाबू बोलेरो गाड़ी पार्किंग एरिया में घुस गई और कुछ ही सेकंड में वहाँ खड़ी 16 गाड़ियों (बाइकों और स्कूटियों) को रौंद डाला। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

गोरखपुर अस्पताल पार्किंग हादसा होते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तुरंत दौड़कर मंझरिया गांव के रहने वाले ड्राइवर यशवंत यादव को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।


???? ड्राइवर बोला: 'खून देकर आया था, हाथ हो गया सुन'

हादसे के बाद पुलिस पूछताछ में ड्राइवर यशवंत यादव ने जो वजह बताई, वह चौंकाने वाली थी:

  • हादसे का कारण: ड्राइवर यशवंत यादव ने बताया कि वह थोड़ी देर पहले किसी रिश्तेदार को खून देकर (Blood Donation) आया था। जैसे ही वह गाड़ी के अंदर गया, उसका हाथ सुन पड़ गया। उसे समझ नहीं आया कि गाड़ी इतनी तेज कैसे हो गई, और इस दौरान उससे यह हादसा हो गया।

  • क्षतिग्रस्त वाहन: गाड़ी की चपेट में आई बाइकें और स्कूटी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।

  • शिकायत: जिन लोगों की गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हैं, उन्होंने शाहपुर थाने में ड्राइवर यशवंत यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।


पुलिस कर रही है जांच

  • हिरासत: क्षेत्राधिकार गोरखनाथ रवि कुमार सिंह ने बताया कि बोलेरो चालक यशवंत यादव को हिरासत में ले लिया गया है।

  • कार्रवाई: तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने ड्राइवर का ड्राइविंग लाइसेंस बरामद कर लिया है।

मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि बोलेरो गाड़ी इतनी तेजी से आई कि उन्हें कुछ समझ में नहीं आया और उन्हें भागकर अपनी जान बचानी पड़ी।