औरैया छात्र आत्महत्या: साइबर ठगों ने 'फर्जी FIR' की धमकियां देकर किया ब्लैकमेल, तंग आकर 16 वर्षीय अनुराज ने लगाई फांसी; 3 आरोपी गिरफ्तार
Auraiya Chhatra Atmahatya Cyber Blackmailing: औरैया में 16 वर्षीय छात्र अनुराज ने साइबर ब्लैकमेलिंग से तंग आकर फांसी लगाई। खुद को पुलिस अधिकारी बताकर ब्लैकमेल करने वाले 3 साइबर अपराधियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
औरैया, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में साइबर ब्लैकमेलिंग का शिकार हुए 16 वर्षीय छात्र अनुराज ने फर्जी साइबर क्राइम केस में फंसाने की धमकियों से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। इस दिल दहला देने वाली घटना में, आरोपी खुद को 'साइबर क्राइम ब्रांच का अधिकारी' बताकर अनुराज को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे और गिरफ्तारी का भय दिखाकर पैसों की मांग कर रहे थे।
इस मामले में, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए, छात्र को प्रताड़ित करने वाले तीन साइबर अपराधियों—जिनमें नरेंद्र सिंह, लाल सिंह और एक नाबालिग शामिल हैं—को गिरफ्तार कर लिया है।
फर्जी केस और गिरफ्तारी का डर
यह घटना औरैया कोतवाली क्षेत्र के अनुराधा त्रिपाठी इंटर कॉलेज, खानपुर रोड के पास की है। अनुराज कक्षा 10 का छात्र था।
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मानसिक प्रताड़ना: 9 नवंबर 2025 को अनुराज ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
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ठगी का तरीका: परिजनों ने बताया कि अनुराज को पिछले कुछ दिनों से अज्ञात नंबरों से लगातार फोन और व्हाट्सएप कॉल आ रहे थे। कॉल करने वाला खुद को लखनऊ साइबर क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर धमका रहा था कि अनुराज ने अपने मोबाइल पर अश्लील सामग्री देखी है, जिसके कारण उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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पैसे का दबाव: ये आरोपी लगातार अनुराज को यह मामला पैसे देकर 'सेटल' करने का दबाव बना रहे थे।
इस लगातार मिल रही मानसिक प्रताड़ना और सामाजिक बदनामी के गहरे डर से परेशान होकर छात्र ने यह खौफनाक कदम उठाया।
एसआईटी ने तीन अपराधियों को पकड़ा
परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक ने साइबर सेल, एसओजी, साइबर थाना और कोतवाली पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया।
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गिरफ्तारी: टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नरेंद्र सिंह, लाल सिंह और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया।
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अंतर्राज्यीय गैंग: जांच में सामने आया कि ये आरोपी लगातार नंबरों के आखिरी डिजिट बदलते रहते थे ताकि पहचान मुश्किल हो। ये भोले-भाले लोगों, बच्चों और महिलाओं को निशाना बनाते थे और फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर डर दिखाकर QR कोड या ऑनलाइन वॉलेट के जरिए पैसे ट्रांसफर करवाते थे।
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अन्य राज्यों में मुकदमे: आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, झारखंड, मिर्जापुर, गोरखपुर, देवरिया सहित कई राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से 5 मोबाइल फोन, 3 फर्जी पुलिस परिचय पत्र, 5 सिम कार्ड, 2 फर्जी पैन कार्ड और नकद रकम बरामद की है। मृतक के परिजनों ने त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस टीम का आभार जताया है।