सोनभद्र खनन हादसा: मरने वालों की संख्या 7 हुई, दो दिन से रेस्क्यू जारी; DM के 'मानक अनुरूप' हलफ़नामे पर उठे गंभीर सवाल

सोनभद्र कृष्णा माइंस हादसे में मरने वालों की संख्या 7 हुई, रेस्क्यू जारी। डीएम द्वारा 'मानक अनुरूप' खनन के हलफ़नामे पर उठे गंभीर सवाल, अवैध खनन की आशंका।

Nov 18, 2025 - 11:46
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सोनभद्र खनन हादसा: मरने वालों की संख्या 7 हुई, दो दिन से रेस्क्यू जारी; DM के 'मानक अनुरूप' हलफ़नामे पर उठे गंभीर सवाल

सोनभद्र: उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में ओबरा थाना क्षेत्र स्थित कृष्णा माइंस वर्क्स में रविवार शाम हुए भीषण हादसे में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर सात हो गया है। मंगलवार देर शाम रेस्क्यू दलों ने मलबे से एक और शव बरामद किया, जिसके बाद अब तक कुल सात मजदूरों के शव निकाले जा चुके हैं। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें 48 घंटे से अधिक समय से लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं।


सात में से छह शवों की पहचान हुई

  • बरामदगी: अब तक कुल सात शव बरामद किए जा चुके हैं।

  • पहचान: प्रशासन के अनुसार, बरामद किए गए सात शवों में से छह की पहचान हो चुकी है, जबकि एक शव बुरी तरह क्षत-विक्षत अवस्था में मिलने के कारण उसकी पहचान में कठिनाई आ रही है।

हादसे की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर जिलाधिकारी समेत सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं और रेस्क्यू अभियान रात भर जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मिर्जापुर, वाराणसी और भदोही से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर मौके पर तैनात किया गया है।


डीएम के हलफ़नामे पर बड़ा विवाद

हादसे के बाद प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विवाद का केंद्र जिलाधिकारी द्वारा पहले दिया गया वह हलफ़नामा बन गया है, जिसमें खदान में हो रहे खनन को मानकों के अनुरूप बताया गया था।

  • स्थानीय लोगों का आरोप: स्थानीय लोगों और अधिवक्ताओं का आरोप है कि कृष्णा माइंस में वर्षों से नियमों के विपरीत अवैध खनन किया जा रहा था और यह हादसा होना महज समय की ही बात थी।

  • जांच की मांग: आशंका जताई जा रही है कि अवैध खनन में शामिल कुछ प्रभावशाली सफेदपोशों और खनन माफिया की भूमिका इस दुर्घटना से जुड़ी हो सकती है। यह मामला अब केवल एक औद्योगिक दुर्घटना न रहकर एक बड़े नेटवर्क की जांच का विषय बन गया है।

फिलहाल, प्रशासन का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता रेस्क्यू ऑपरेशन को पूरा करना और मलबे में दबे अन्य मजदूरों की तलाश है। हालांकि, इस हादसे ने इलाके में गहरी चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है, और स्थानीय लोग दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।