fraud बरेली विधवा पेंशन घोटाला: पति जिंदा, फिर भी 25 महिलाओं ने लिया लाभ! SSP ने SIT गठित कर FIR के दिए आदेश, बिचौलियों पर कसेगा शिकंजा

Bareilly Vidhwa Pension Ghotala: बरेली में 25 विवाहित महिलाएं विधवा पेंशन का लाभ लेते पकड़ी गईं। एसएसपी ने एसआईटी गठित कर सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।

Nov 22, 2025 - 16:15
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fraud बरेली विधवा पेंशन घोटाला: पति जिंदा, फिर भी 25 महिलाओं ने लिया लाभ! SSP ने SIT गठित कर FIR के दिए आदेश, बिचौलियों पर कसेगा शिकंजा

बरेली, उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में महिला कल्याण विभाग में हुए विधवा पेंशन घोटाले की परतें अब तेजी से खुलने लगी हैं। जिलाधिकारी के निर्देश के बाद, एसएसपी ने एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है और 25 विवाहित महिलाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं, जिन्होंने गलत तरीके से खुद को विधवा बताकर पेंशन का लाभ लिया।

पुलिस अब इन फर्जीवाड़ा करने वाली महिलाओं के साथ-साथ उन बिचौलियों और सत्यापन करने वाले कर्मचारियों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी में है, जिनकी मिलीभगत से यह घोटाला संभव हुआ।


एसपी दक्षिणी के नेतृत्व में SIT का गठन

एसडीएम आंवला द्वारा लगभग पांच महीने की गहन जांच के बाद भेजी गई रिपोर्ट पर डीएम ने गंभीरता दिखाई, जिसके बाद शुक्रवार को पुलिस को आगे की कार्रवाई के लिए निर्देश दिए गए।

  • एसआईटी: विधवा पेंशन घोटाले की विस्तृत जांच के लिए एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाई गई है।

  • 25 फर्जी मामले: एसडीएम की रिपोर्ट में कुल 25 ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें महिलाओं ने अपने आप को विधवा बताकर पेंशन हासिल की, जबकि वे विवाहित थीं।

  • जांच का दायरा: पुलिस अब इन सभी महिलाओं के कागजात, बैंक खातों, मृत्यु प्रमाणपत्रों और आवेदन प्रक्रिया की जांच कर रही है ताकि फर्जीवाड़े में शामिल सभी लोगों की पहचान की जा सके।


पहले भी सामने आ चुके हैं बड़े फर्जीवाड़े

यह पहली बार नहीं है जब बरेली में पेंशन से जुड़ा इतना बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है।

  • 2023 का खुलासा: वर्ष 2023 में भी सुहागिन महिलाओं द्वारा विधवा पेंशन लेने का खुलासा हुआ था, जिसमें 34 महिलाओं को गलत तरीके से लाभ लेते पाया गया था।

  • वृद्धावस्था पेंशन घोटाला: पिछले साल नवंबर में भी एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा की टीम ने 56 सुहागिन महिलाओं को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ लेते पकड़ा था, जिनके खातों में कुल ₹1.23 करोड़ रुपये भेजे जाने का पता चला था।


अधिकारी और बिचौलिए भी संदेह के घेरे में

एसडीएम की जांच रिपोर्ट में कई अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका पर संदेह जताया गया है।

  • सत्यापन में लापरवाही: रिपोर्ट में कहा गया है कि कई मामलों में सत्यापन करने वाले कर्मचारियों के नाम और जिम्मेदारी स्पष्ट नहीं हो सकी। जिला प्रोबेशन अधिकारी और ब्लॉक विकास अधिकारी से सहयोग नहीं मिला।

  • संदिग्ध मृत्यु प्रमाणपत्र: कई महिलाओं के पति के नाम से जुड़े मृत्यु प्रमाणपत्र भी संदिग्ध पाए गए हैं, जिनमें बिचौलियों की भूमिका मानी जा रही है।

एसएसपी अनुराग कुमार ने बताया कि डीएम द्वारा भेजे गए पत्र में 25 मामलों में अनियमितताओं का जिक्र है, और इन सभी पर एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।