लाडकी बहिन योजना क्रेडिट वॉर: ₹4000 करोड़ की योजना पर सियासी घमासान, फडणवीस और शिंदे में छिड़ी जंग; विपक्ष ने कहा- बहनें सब देख रही हैं

Ladki Bahin Yojana Credit War: महाराष्ट्र निकाय चुनाव से पहले 'लाडकी बहिन योजना' पर फडणवीस और शिंदे में क्रेडिट वॉर छिड़ा। दोनों नेताओं ने योजना का श्रेय खुद लिया, विपक्ष ने साधा निशाना।

Nov 28, 2025 - 19:54
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लाडकी बहिन योजना क्रेडिट वॉर: ₹4000 करोड़ की योजना पर सियासी घमासान, फडणवीस और शिंदे में छिड़ी जंग; विपक्ष ने कहा- बहनें सब देख रही हैं

मुंबई, महाराष्ट्र: महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों के बीच 'लाडकी बहिन योजना' को लेकर सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के दो सबसे बड़े नेताओं—मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे—के बीच क्रेडिट वॉर खुलकर सामने आ गया है। दोनों नेता अलग-अलग मंचों से इस महत्वाकांक्षी महिला सशक्तिकरण योजना का श्रेय खुद लेने में जुटे हैं।

लाडकी बहिन योजना क्रेडिट वॉर ने चुनावी तापमान को बढ़ा दिया है, जबकि शिवसेना (UBT) जैसे विपक्षी दल इस सियासी घमासान पर तंज कस रहे हैं।


शिंदे का दावा: "शुरुआत मेरी थी, योजना बंद नहीं होगी"

डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने अपने बयान में इस योजना को अपने कार्यकाल की पहल बताया।

  • शिंदे का बयान: "लाडकी बहिन योजना मेरे मुख्यमंत्री रहते शुरू हुई थी। मुझे पता है इस योजना को कितनी बाधाओं का सामना करना पड़ा, लेकिन हमने इसे जारी रखने का फैसला किया। कोई कितना भी कहे, लाडकी बहिन योजना बंद नहीं होगी।"

  • संदेश: शिंदे का दावा साफ है—शुरुआत मेरी थी, निर्णय हमारा था।


फडणवीस का पलटवार: "देवा भाऊ पैसे रोक नहीं सकता"

शिंदे के बयान के अगले ही दिन अमरावती के धरनी में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पलटवार किया।

  • फडणवीस का जवाब: उन्होंने कहा, "जब तक आपका देवा भाऊ मुख्यमंत्री है। कोई भी लाडली बहिन के पैसे रोक नहीं सकता। हमने जो वादा किया था, पूरी निष्ठा से निभाया है। योजना जारी है और जारी रहेगी।"

  • सार्वजनिक संघर्ष: इस तरह, दोनों नेताओं ने अलग-अलग मंच से 'लाडकी बहिन योजना हमारी है' का संदेश दिया, जिससे महायुति के भीतर की खींचतान सार्वजनिक हो गई।


विपक्ष का तंज और असली सवाल

इस क्रेडिट वॉर पर विपक्ष ने भी टिप्पणी करने का मौका नहीं छोड़ा।

  • UBT का रुख: शिवसेना यूबीटी के प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा कि "जो क्रेडिट वॉर चल रहा है शिंदे और फडणवीस के बीच, हमारी बहनें सब देख रही हैं। ये योजना सिर्फ उद्धव ठाकरे ही आगे ले जा सकते हैं और बहनें इसी बार उन्हीं का साथ देंगी।"

  • शिंदे गुट का बचाव: शिंदे गुट के प्रवक्ता संजय निरुपम ने बचाव करते हुए कहा कि लाडकी बहिन योजना तीनों पार्टियों का फैसला है, और अगर बहनों को इसका फायदा बताया जा रहा है तो इसमें गलत क्या है।

स्थानीय निकाय चुनावों में महायुति की पार्टियां कई जगह एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रही हैं, ऐसे में लाडकी बहिन योजना क्रेडिट वॉर का यह माहौल महिला मतदाताओं को प्रभावित कर सकता है। असली सवाल यह है कि महाराष्ट्र की महिलाएं इस सियासी जंग के माहौल में किस नेता पर विश्वास करेंगी? यह फैसला कुछ ही दिनों में बैलेट बॉक्स बताएगा।