CM Yogi Mega Plan: यूपी के शहरों से गायब होंगे जर्जर मकान, योगी सरकार ला रही 'शहरी पुनर्विकास नीति'; चमकेंगी हाईराइज बिल्डिंग्स!
CM Yogi Mega Plan: योगी सरकार ला रही 'शहरी पुनर्विकास नीति'। UP के शहरों में 25 साल पुरानी जर्जर इमारतों को तोड़कर हाईराइज बिल्डिंग्स बनेंगी। सस्ते मकान और 50% शुल्क छूट का प्रावधान।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अब शहरी विकास का चेहरा हमेशा के लिए बदलने वाला है! लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर जैसे प्रमुख शहरों में दशकों से खड़ीं खतरनाक और जर्जर इमारतें जल्द ही इतिहास बन जाएंगी। CM Yogi Mega Plan के तहत, योगी सरकार प्रदेश में पहली बार एक व्यापक ‘शहरी पुनर्विकास नीति’ ला रही है, जिसका उद्देश्य 25 साल से पुराने खतरनाक भवनों को तोड़कर उनकी जगह आधुनिक हाईराइज बिल्डिंग्स बनाना है।
यह कदम न सिर्फ उत्तर प्रदेश के शहरों को सुरक्षित और सुंदर बनाएगा, बल्कि मध्यम और निम्न वर्ग के लोगों के लिए सस्ते मकान उपलब्ध कराने में भी एक मील का पत्थर साबित होगा।
जर्जर इमारतों की जगह हाईराइज का निर्माण
आवास विभाग द्वारा तैयार इस नीति का मुख्य फोकस उन जर्जर भूखंडों का बेहतर उपयोग करना है, जो शहर के बीचों-बीच खतरे की तरह खड़े हैं।
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पुनर्विकास की श्रेणी: इस नई नीति के तहत, 25 साल से अधिक पुराने और असुरक्षित पाए गए भवनों को पुनर्विकास की श्रेणी में शामिल किया जाएगा।
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अनिवार्य ऑडिट: पुनर्निर्माण के लिए केवल वही इमारतें योग्य मानी जाएंगी, जिनकी स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट में उन्हें असुरक्षित या जर्जर घोषित किया जाएगा।
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मिश्रित उपयोग: पुनर्विकसित जमीनों पर मिश्रित उपयोग (जैसे आवास, दुकाने, कार्यालय आदि) की अनुमति भी दी जा सकती है, जिससे शहरों की आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
बंद पड़े कारखानों पर भी बनेगा रिहायशी कॉम्प्लेक्स
CM Yogi Mega Plan सिर्फ पुरानी रिहायशी इमारतों तक सीमित नहीं है। यह नीति उन औद्योगिक भूखंडों पर भी लागू होगी जो अब शहर के बीचों-बीच फंसे हुए हैं।
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कारखाना शिफ्टिंग: तीन साल से बंद या बीमार घोषित हो चुके उद्योगों की जमीन पर भी नई इमारतें बनाने की अनुमति मिल सकेगी।
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मल्टी-स्टोरी कॉम्प्लेक्स: ऐसे कारखानों को शहर से बाहर शिफ्ट करके, उनकी जगह मल्टी-स्टोरी रिहायशी और वाणिज्यिक कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे। इससे शहर के पुराने क्षेत्रों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।
गुजरात-महाराष्ट्र की तर्ज पर भारी छूट
योगी सरकार ने इस CM Yogi Mega Plan को सफल बनाने के लिए गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों के सफल मॉडल को अपनाया है, जहाँ पहले ही हजारों पुरानी इमारतों का कायाकल्प हो चुका है।
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विकास शुल्क में छूट: पुनर्विकास परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए विकास शुल्क में लगभग 50 प्रतिशत तक की बड़ी राहत देने की तैयारी है।
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उपयोग परिवर्तन में छूट: यदि जमीन का उपयोग बदलना हो, तो इसके लिए भी करीब 25 प्रतिशत छूट मिल सकती है।
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रिकॉर्ड समय में मंजूरी: इस नीति का लक्ष्य रिकॉर्ड समय में मंजूरी देना और निर्माण को गति देना है, जिससे आम आदमी को सस्ते और सुरक्षित मकान उपलब्ध हो सकें।
जल्द ही कैबिनेट की मुहर लगते ही, उत्तर प्रदेश के शहर विकास की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए तैयार हो जाएंगे। यह CM Yogi Mega Plan सुरक्षित, सुंदर और सस्ते आवास की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा।