कफ सिरप घोटाला धनंजय सिंह शुभम जायसवाल: अमित सिंह टाटा ने लिया शुभम का नाम... आखिर नशीले सिरप कांड का सच क्या है? पूर्व सांसद धनंजय सिंह की आई सफाई
Cough Syrup Ghotala Dhananjay Singh Shubham Jaiswal: ₹100 करोड़ के नशीले सिरप घोटाले में अमित सिंह टाटा गिरफ्तार। उसने मुख्य सरगना शुभम जायसवाल का नाम लिया। धनंजय सिंह ने आरोपों पर CBI जांच की मांग की।
लखनऊ/जौनपुर: उत्तर प्रदेश में नशीले कफ सिरप के ₹100 करोड़ से अधिक के अवैध कारोबार का भंडाफोड़ होने के बाद, यह मामला अब झारखंड से यूपी तक सियासी गलियारों में भूचाल ला रहा है। स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने आरोपी अमित सिंह 'टाटा' को गिरफ्तार किया है, जिसने पूछताछ में मुख्य सरगना शुभम जायसवाल का नाम लिया है। इस बीच, जौनपुर के पूर्व सांसद और भाजपा नेता धनंजय सिंह ने इस प्रकरण पर एक खुली चिट्ठी लिखकर सफाई दी है।
पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त जांच में सामने आया है कि यह नेक्सस इतना बड़ा था कि इसका मकड़जाल झारखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश तक फैला हुआ था।
झारखंड से यूपी तक फैला था नेक्सस
एसटीएफ ने 27 नवंबर को लखनऊ के गोमतीनगर से अमित सिंह टाटा को गिरफ्तार किया।
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टाटा का खुलासा: टाटा ने पूछताछ में बताया कि उसका परिचय आजमगढ़ के विकास सिंह के माध्यम से शुभम जायसवाल से हुआ। शुभम का एबॉट कंपनी की फेन्सेडिल कफ सिरप का शैली ट्रेडर्स के नाम से बड़ा कारोबार रांची में है।
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तस्करी और मुनाफा: कोडीन युक्त यह सिरप नशे के रूप में प्रयोग होता है और इसकी भारी डिमांड पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में है, जिसमें तस्करी से बहुत फायदा होता है।
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फर्जी फर्मों का जाल: एसटीएफ के अनुसार, टाटा ने दावा किया कि शुभम जायसवाल और उसके पार्टनरों ने कई अन्य लोगों के नाम से भी इसी प्रकार फर्जी फर्म बनवाकर (जैसे टाटा के नाम पर धनबाद में 'देवकृपा मेडिकल एजेंसी' और बनारस में 'श्री मेडिकल') फर्जी बिल और ई-वे बिल तैयार किए और सिरप को तस्करों के हाथ बेच दिया।
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फरार आरोपी: टाटा ने बताया कि पुलिस की कार्रवाई शुरू होने के बाद शुभम जायसवाल अपने परिवार और पार्टनर वरुण सिंह, गौरव जायसवाल के साथ दुबई भाग गया है और फेसटाइम ऐप के माध्यम से बात करता है।
सियासत के पर्दे से साजिश ढकने की कोशिश
खुलासा हुआ है कि इस रैकेट से जुड़े लोग सियासत में आने को लालायित थे।
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शुभम की योजना: दावा है कि शुभम जायसवाल अपनी साजिश को ढकने के लिए उत्तर प्रदेश के विधानमंडल में विधान परिषद् का सदस्य बनने के लिए पूरी कोशिश कर रहा था और पूर्वांचल के कथित बाहुबलियों को साधने के लिए गाड़ी गिफ्ट करने जैसी प्लानिंग कर रहा था।
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टाटा की कशिश: आरोपी अमित सिंह टाटा भी वर्ष 2026 में प्रस्तावित पंचायत चुनावों में रामपुर ब्लॉक से अपनी किस्मत आजमाने वाला था।
धनंजय सिंह की खुली चिट्ठी
इन सबके बीच, जौनपुर के पूर्व सांसद और बीजेपी नेता धनंजय सिंह ने सोशल मीडिया पर एक खुली चिट्ठी लिखी है, जिसमें उन्होंने खुद पर लगे आरोपों का खंडन किया।
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सफाई: उन्होंने लिखा कि उनके राजनैतिक विरोधियों ने पत्रकार बंधुओं को गुमराह कर के उनके बारे में भ्रामकता फैलाने का कृत्य किया है। चूंकि यह मामला काशी/वाराणसी से जुड़ा है, इसलिए कांग्रेस और अन्य दलों के नेता प्रधानमंत्री की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं।
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सीबीआई जांच की मांग: धनंजय सिंह ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि इस मामले की व्यापक जांच सीबीआई (CBI) से कराई जाए, जिससे दोषियों के विरुद्ध सख़्त कार्यवाही सुनिश्चित हो और झूठी ख़बरों पर विराम लग सके।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि भाजपा 'माफियाजीवी पार्टी' है, जिसमें एनकाउंटर माफिया, कफ सिरप माफिया और नीट माफिया भरे हुए हैं।