समतामूलक समाज के निर्माण में डॉ. अंबेडकर का योगदान युगांतकारी: मिथिलेश कुशवाहा

वाराणसी में मोतीलाल मानव उत्थान समिति द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर विशेष गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें वक्ताओं ने समतामूलक समाज के निर्माण में बाबा साहब के योगदान को युगांतकारी बताया।

Apr 14, 2026 - 19:40
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समतामूलक समाज के निर्माण में डॉ. अंबेडकर का योगदान युगांतकारी: मिथिलेश कुशवाहा

वाराणसी, 14 अप्रैल। डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर मोतीलाल मानव उत्थान समिति द्वारा सिगरा स्थित कुशवाहा भवन में भारतीय संविधान व्याख्यान माला के अंतर्गत एक विशेष गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “समतामूलक समाज के निर्माण में डॉ. अंबेडकर का योगदान” रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ बाबा साहब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर समिति के आयोजक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता मिथिलेश कुमार कुशवाहा ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने सदियों से चली आ रही सामाजिक असमानता को संवैधानिक अधिकारों के माध्यम से चुनौती दी और एक समतामूलक समाज की मजबूत नींव रखी। उन्होंने कहा कि बाबा साहब का जीवन आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित केंद्रीय संचार ब्यूरो, वाराणसी के सहायक निदेशक डॉ. लालजी ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहब का सपना एक ऐसे भारत का था, जहाँ व्यक्ति की पहचान उसके जन्म से नहीं बल्कि उसकी योग्यता और कर्म से हो। उन्होंने कहा कि संविधान में समानता के अधिकार को मौलिक अधिकार के रूप में शामिल कर डॉ. अंबेडकर ने समाज के हर वर्ग को न्याय दिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया।

सामाजिक कार्यकर्ता एम. एस. कुशवाहा ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसके नागरिकों के बीच समानता और भाईचारे पर आधारित होती है। उन्होंने कहा कि आज समाज में छुआछूत और भेदभाव की बेड़ियाँ धीरे-धीरे टूटती दिखाई दे रही हैं, जो बाबा साहब के विचारों की विजय है।

वहीं अधिवक्ता गौरव कुशवाहा ने बाबा साहब के प्रसिद्ध संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” को याद करते हुए कहा कि यह मंत्र आज भी समाज के वंचित और हाशिए पर खड़े लोगों के लिए आत्मसम्मान और अधिकारों की लड़ाई का मार्ग प्रशस्त करता है।

कार्यक्रम में राधेश्याम मौर्य ने उपस्थित लोगों से डॉ. अंबेडकर के न्याय, स्वतंत्रता और बंधुत्व के सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेने की अपील की।

इस अवसर पर सुशांत, राजेश, रवि कुमार, नदीम, अंजुम, अमन सहित कई प्रबुद्धजन एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।